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रामनाथी (गोवा) – ‘परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी को दीर्घायु प्राप्त हो, पंचमहाभूतों के प्रकोप से साधकों की रक्षा हो और हिन्दू राष्ट्र स्थापना में उत्पन्न सूक्ष्म की सभी बाधाएं दूर हों; इसके लिए पुणे के संत प.पू. आबा उपाध्येजी की आज्ञा से १८ अक्टूबर २०१९ को यहां के सनातन आश्रम में ‘पंचमहाभूत याग’ किया गया । सनातन पुरोहित पाठशाला के संचालक श्री. दामोदर वझेगुरुजी तथा पाठशाला के पुरोहितों ने इस याग का पौराहित्य किया । आरंभ में सनातन संस्था की सद्गुरु (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी ने संकल्प लिया । ५ कलशोंपर रखी गईं पृथ्वी, आप, तेज, वायु एवं आकाश की चांदी की प्रतिमाओं पर पंचमहाभूतों का आवाहन एवं पूजन किया गया । तत्पश्चात पंचमहाभूतों के लिए हवन किया या । पूर्णाहुति से इस याग का समापन हुआ । इस याग में सनातन संस्था के संत और आश्रम के साधक उपस्थित थे ।
प.पू. आबा उपाध्येजी ने इस प्रकार के ३ याग करने की आज्ञा की थी । उसके अनुसार १८ अक्टूबर को इस शृंखला का अंतिम याग किया गया ।