१. विविध माध्यमों से जालस्थल को भेंट करनेवालों की संख्या
ऑनलाईन संगणकीय प्रणाली ‘गुगल एनॅलिटिक्स’ के माध्यम से यह पाठकसंंख्या ज्ञात होती है । सनातन संस्था के जालस्थल से भेंट करनेवाले पाठकों के अतिरिक्त सामाजिक जालस्थल के अतिरिक्त सामाजिक जालस्थल के माध्यम से सनातन संख्या से जुडे हुए पाठकों का भी एक अलग वर्ग होने से उस संदर्भ में भी जानकारी प्रकाशित कर रहे हैं ।
माध्यम | कालावधि | संख्या |
www.sanatan.org | १ से ३१ अगस्त २०१९ की कालावधि में पाठकसंख्या | २,०४,४८५ |
www.facebook.com/sanatan.org www.facebook.com/sanatan.english |
३१ अगस्त २०१९ तक की सदस्यसंख्या | ६५,८२० |
www.twitter.com/sanatansanstha | ३१ अगस्त २०१९ तक की अनुयायियों की संख्या | १४,२०८ |
२. जालस्थल के माध्यम से होनेवाला ‘ऑनलाईन’ प्रसार
२ अ. ‘फेसबुक’पर सर्वाधिक पढी गई पोस्ट्स’
‘पोस्ट’ का नाम | भाषा | कितने लोगोंतक विषय पहुंचा ? (रीच) |
१. फर्श को कब और कैसे पोछें ? | मराठी | २६,०५२ |
२. रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने से भाई-बहन के मध्य का लेन-देन कैसे न्यून होता है ? | मराठी | २२,८२३ |
३. हिन्दुओं का अलौकिक ग्रंथ ‘भगवद्गीता’ का महत्त्व ! | मराठी | २१,३४९ |
४. शिवामुट्ठी व्रत करने की पद्धति ! | मराठी | २०,४६६ |
५. भक्तों की मनोकामना पूर्ण करनेवाले २०० वर्ष प्राचीन ‘श्री विशाल गणपति’ ! | हिन्दी | ९,६३२ |
६. ‘द सेवन लेयर्स इन द एरेंजमेंट ऑफ अ देवालय (टेम्पल)’ (देवालय के रचना के ७ स्तर) | अंग्रेजी | २,९१७ |
२ आ. ‘सनातन पंचाग’ एप के द्वारा भेजे जानेवाले नोटिफिकेशन्स का पाठकों द्वारा उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर !
सनातन पंचांग के एन्ड्रॉईड एप के द्वारा भेजे जानेवाले मराठी, कन्नड, गुजराती एवं अंग्रेजी इन भाषाओं के नोटिफिकेशन्स के कारण ९४ सहस्र ३७९ पाठकों ने जालस्थल से भेंट की ।
३. विविध भाषाओं में सर्वाधिक पढे गए लेख
लेख का नाम | भाषा | भेंट करनेवालों की संख्या |
१. नागपंचमी | कन्नड | ८,१५४ |
२. श्रीकृष्ण का पलना | मराठी | ६,६८४ |
३. शिवमुट्ठी (शिवमुष्टिव्रत) | मराठी | ६,६१५ |
४. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी | कन्नड | ४,१७६ |
५. ‘मेथड ऑफ कास्टिंग ऑफ द एविल बाई युजिंग सॉल्ट एन्ड रेज चिलीज टुगेदर’ (नमक और लाल मिर्च का उपयोग कर कुदृष्टि निकालने की पद्धति) | अंग्रेजी | ३,८१५ |
६. गमले में पौधा कैसे लगाएं और उसकी देखभाल कैसे करें ? | हिन्दी
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२,२३४
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पाठक एवं हितचिंतकों से अनुरोध !
जिन्हें संगणकीय सूचनाजाल (इंटरनेट)पर ‘फेसबुक’, ‘ट्विटर’, ‘इन्स्ट्राग्राम’ जैसे, साथ ही अन्य सोशल नेटवर्किंग जालस्थलों के द्वारा जालस्थल Sanatan.Org’ के प्रसारकार्य में सहभागी होना हो, तो वे कृपया [email protected] इस संगणकीय पतेपर संपर्क करें ।